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हरदोई: सवायजपुर सड़क हादसे में युवक की मौत, साथी की हालत गंभीर, दावत से लौट रहे थे

hardoi sawayajpur bike accident

हरदोई जिले के सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात हुआ एक सड़क हादसा दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। गांव में दावत खाकर खुशी-खुशी लौट रहे दो बाइक सवारों को क्या पता था कि यह रास्ता उनके लिए आखिरी रास्ता साबित होगा।

तेज रफ्तार डीसीएम की जोरदार टक्कर ने पल भर में सब कुछ उजाड़ दिया। हादसे में 25 वर्षीय मनमोहन सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 50 वर्षीय परमेश्वरदीन अभी भी अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं।

दावत की खुशी मातम में बदली

बरसोहिया गांव निवासी मनमोहन सिंह और परमेश्वरदीन शनिवार शाम सवायजपुर क्षेत्र के एक गांव में आयोजित दावत में शामिल होने गए थे। दोनों आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

खाना-पीना खाकर कर रात करीब 10 बजे के बाद दोनों एक ही बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में उत्तर प्रदेश के उन्नाव–कटरा मार्ग पर शेखपुर गांव के मोड़ के पास अचानक सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी।

चस्मदीदो ने बताया कि टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सड़क पर कई फीट तक घिसटती चली गई और दोनों सवार दूर जा गिरे।

आसपास सन्नाटा था, लेकिन टक्कर की तेज आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। सड़क पर तड़पते दोनों घायलों को देख हर कोई सन्न रह गया।

ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। कुछ लोगों ने निजी साधनों से मदद करने की कोशिश की,

जबकि कुछ ने एंबुलेंस आने तक घायलों को संभाले रखा। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सवायजपुर ले जाया गया।

डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि वहां से भी देर रात दोनों को लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजना पड़ा।

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इलाज के दौरान मनमोहन की मौत

लखनऊ ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन सिर और शरीर में गंभीर चोटों के चलते मनमोहन सिंह ने दम तोड़ दिया। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मां बेसुध हो गईं, पिता फूट-फूटकर रो पड़े। गांव के लोग परिवार को सभालने पहुंचे, लेकिन हर आंख नम थी।

मनमोहन अपने परिवार का इकलौता बेटा था। खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाता था। घर में उसकी शादी की तैयारी की बातें चल रही थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

परमेश्वरदीन की हालत नाजुक

दूसरी ओर, परमेश्वरदीन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर, सीने और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार वाले लगातार अस्पताल में डटे हुए हैं और हर पल किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं।

गांव में उनके घर का माहौल भी तनावपूर्ण है। परिजन बस यही कह रहे हैं कि “भगवान उन्हें बचा लें।”

हेलमेट नहीं पहनना बना बड़ी वजह

चस्मदीदो और डॉक्टरों का कहना है कि हादसे के समय दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। सिर में आई गंभीर चोटें ही मौत और गंभीर हालत की सबसे बड़ी वजह हैं। पुलिस भी इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए लोगों से हेलमेट पहनने की अपील कर रही है।

डीसीएम चालक फरार, तलाश जारी

हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में ले लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

गांव में पसरा मातम

मनमोहन की मौत के बाद पूरे बरसोहिया गांव में मातम पसरा है। किसी के घर चूल्हा नहीं जला। हर कोई इस हादसे को याद कर यही कह रहा है कि “अगर रफ्तार थोड़ी कम होती, तो आज दो घर उजड़ने से बच जाते।”

पुलिस का बयान

सवायजपुर पुलिस के अनुसार इस मामले को देखकर ऐसा लगता है कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही लग रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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