उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पचदेवरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। संपत्ति विवाद के चलते एक दामाद ने अपने ही ससुर की डंडों और सरियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हमला इतना अचानक और खतरनाक हुआ कि ससुर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर तक नहीं निकाल पाए और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो कर सड़क पर गिर गए।
परिवार में तिलक समारोह की तैयारियां चल रही थी इस घटना के बाद शादी वाले घर में खुशियों की जगह अब मातम पसरा हुआ हैं। परिवार के लोगों में अब सिर्फ चीख-पुकार मची हुई है।
संपत्ति का विवाद कैसे बना मौत की वजह
बताया जा रहा हैं कि अशोक बाबू हाईवे किनारे तीन दुकानों के मालिक थे। पुरे इलाके में उनकी गिनती मेहनती और सीधे-साधे लोगों में आती थी। परिवार ने सालों की कड़ी मेहनत से यह सब खड़ा किया था। लेकिन अब यही संपत्ति आखिरकार उनकी मौत की वजह बन गई।
अशोक बाबू पर दामाद मनमोहन लंबे समय से एक दुकान अपने नाम करने के लिए दबाव बना रहा था। गांव के लोगों व रिश्तेदारों का कहना है कि मनमोहन की आदतें ठीक नहीं थीं। मनमोहन नशे का आदि था और परिवार में पैसों को लेकर अक्सर झगड़ा करता रहता था। अशोक बाबू ने मनमोहन को साफ मना कर दिया था कि वह किसी भी दबाव में दुकान या किसी संपत्ति को ट्रांसफर नहीं करेंगे।
धीरे-धीरे इस मामला ने पारिवारिक विवाद का रूप ले लिया था जिससे रिश्तों में दरारें आने लग गई। इस मामले को लेकर कई बार बैठकर बातचीत हुई, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला।
हमारे संवाददाता ने मौके पर मौजूद लोगों से जब बात की तो एक बुजुर्ग ने कहा कि “लालच इंसान को अंधा कर देता है, यहां भी वही हुआ।” जिससे यह बात साफ़ पता चलती हैं की यह हत्या सिर्फ लालच के कारण हुई हैं
बेटी मायके में, घर के अंदर बढ़ रहा था तनाव
इस मामले की एक अहम कड़ी हैं अशोक बाबू की बेटी संध्या है। जोकि पिछले तीन महीनों से अपने मायके में रह रही थी। संध्या अपने पति की मारपीट और रोज-रोज के झगड़ों से परेशान हो चुकी थी परिवार के लोगों ने भी बताया कि मनमोहन नशे की हालत में हाथ उठा चुका हैं।
संध्या अपने पति मनमोहन से तंग आकर अपने मायके में रहने लगी। पिता होने ने नाते अशोक बाबू ने अपनी बेटी को सहारा दिया। बस यही बात मनमोहन को पसंद नहीं आई। उसे लग रहा था कि ससुर ने उसकी “इज्जत” खराब कर दी है।
गांव की महिलाओं और पड़ोसियों ने हमारे संवाददाता को बताया कि मनमोहन और अशोक बाबू के बीच कई बार ऊँची आवाज में बहस भी हुई थी। मनमोहन दुकान की मांग करता और पत्नी को वापस ले जाने का दबाव भी डालता था।
मनमोहन और ससुराल के परिजनों के बीच चल रहे इस तनाव के कारण मनमोहन में इस बात को लेकर धीरे-धीरे गुस्सा बड़ रहा था। परिवार के लोगों को इस बात की आशंका थी कि मामला बिगड़ सकता है, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि बात जान लेने तक पहुंच जाएगी।
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मंदिर जाते समय घात लगाकर हमला
अशोक बाबू मंगलवार सुबह अपनी बहन अलका देवी के साथ रामताल हनुमान मंदिर के दर्शन करने के लिए घर से निकले थे। घर में भतीजे रोहित की शादी की तैयारियां चल रही थीं जिसके लिए पूजा का कार्यक्रम भी रखा गया था।
जैसे ही अशोक बाबू हथौड़ा मोड़ के पास पहुंचे वहां पर मनमोहन पहले से ही घात लगाकर छिपा बैठा था। अचानक उसने डंडे और सरिए से अशोक बाबू पर हमला करना शुरू कर दिया। हमला इतने तेज और लगातार हुआ कि अशोक बाबू अपने आप को संभल नहीं पाए और जमीन पर गिर पड़े।
इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि अशोक बाबू के कमर पर लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी। लेकिन हमला इतना अचानक हुआ कि अशोक बाबू अपने बचाव के लिए अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर भी नहीं निकाल पाए ।
अशोक बाबू की बहन अलका देवी ने बीच-बचाव करने की पूरी कोशिश की जिसकी वजह से उन्हें भी कई गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो चुके थे।
चश्मदीदों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया था।
अस्पताल में मौत, शादी वाले घर में मातम
अशोक बाबू को घायल हालत में तुरंत उत्तर प्रदेश, फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल भर्ती कराया गया। परिवार को यह उम्मीद थी कि उनकी जान बच जाएगी। लेकिन चोटें इतनी गंभीर थी कि डॉक्टर उन्हें बचने में सफल नहीं हो पाए और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घर में मंगलवार को तिलक समारोह होना था और 21 फरवरी को बारात जानी थी। मेहमान घर पर पहुंच चुके थे, घर में सजावट का काम चल रहा था। लेकिन कुछ ही घंटों में सब कुछ बदल गया।
हमारे संवाददाता जब घर पहुंचे तो महिलाएं बिलख रही थीं। पूरा परिवार सदमे में था जिस घर में सुबह तक शादी की तैयारियों को लेकर हंसी-मजाक हो रही था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है
इस घटना के बाद शादी वाले घर में मातम छा गया है। रिश्तेदारों की आंखों में आंसू हैं और सबके मन में बस एक ही सवाल हैं कि क्या संपत्ति इतनी बड़ी हो सकती है
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
इस घटना की सूचना मिलते ही पचदेवरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाहाबाद के सीओ आलोक राज नारायण ने बताया कि परिवार की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी मनमोहन वारदात के बाद से फरार हैं। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और मोबाइल की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा हैं। ताकि जल्दी ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सके
हमारे संवाददाता ने इस पूरी घटना को लेकर जब पुलिस अधिकारियों से पूछा कि क्या इस विवाद की जानकारी पहले से थी, तो उन्होंने कहा कि अगर पहले औपचारिक शिकायत मिली होती तो कार्रवाई की जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस आरोपी मनमोहन की गिरफ्तारी के लिए लगातार पूरा प्रयास कर रही है।
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