उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रोज़ लगने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आई है। शहर के दिल से होकर गुजरने वाला एक नया चार लेन फ्लाईओवर बनने जा रहा है,
जो ला मार्टिनियर कॉलेज से शुरू होकर सीधे जी-20 रोड तक पहुंचेगा। इस फ्लाईओवर के बन जाने के बाद हजरतगंज, 1090 चौराहा और शहीद पथ जैसे इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
लखनऊ शहर में हर सुबह-शाम लगने वाले लंबे जाम ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ रखी है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी हों, स्कूल बसें हों या एंबुलेंस हर कोई जाम में फंसा नजर आता है। ऐसे में यह नया फ्लाईओवर राजधानी के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा।
315 करोड़ की लागत, 2300 मीटर लंबा फ्लाईओवर
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुसार यह फ्लाईओवर करीब 2300 मीटर लंबा होगा और इसे बनाने में लगभग 315 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट में गोमती नदी पर 250 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा, जो शहर के ग्रीन कॉरिडोर नेटवर्क का अहम हिस्सा होगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक फ्लाईओवर नहीं, बल्कि लखनऊ के ट्रैफिक सिस्टम को नई दिशा देने वाला प्रोजेक्ट है।
ग्रीन कॉरिडोर से जुड़कर आसान होगा सफर
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फ्लाईओवर गोमती नदी के दाएं किनारे बनेगा और आर्मी लैंड से होते हुए जी-20 रोड तक जाएगा। उन्होंने कहा है कि –
टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बहुत ही जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। फ्लाईओवर के बन जाने से इकाना स्टेडियम, अयोध्या रोड और एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
फिलहाल इन इलाकों में पहुंचने के लिए लोगों को कई सिग्नल और भीड़भाड़ वाले चौराहों से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं।
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हजरतगंज से शहीद पथ तक बिना सिग्नल सफर
इस फ्लाईओवर के चालू होने के बाद हजरतगंज, 1090 चौराहा, विक्रमादित्य मार्ग और शहीद पथ के बीच ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
अभी हालात यह हैं कि थोड़ी सी बारिश या कोई वीआईपी मूवमेंट हो जाए, तो जाम कई किलोमीटर तक लग जाता है। लेकिन फ्लाईओवर बनने के बाद लोग बिना सिग्नल और बिना रुके सफर कर सकेंगे।
दो साल में पूरा करने का लक्ष्य
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।
गोमती नदी पर बनने वाला पुल न सिर्फ ट्रैफिक को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि शहर की सुंदरता में भी इजाफा करेगा।
रेलवे ब्रिज के ऊपर से गुजरेगा मार्ग
PIU प्रभारी ए.के. सिंह सेंगर ने बताया कि फ्लाईओवर की शुरुआत ला मार्टिनियर कॉलेज के पास से होगी और यह पिपराघाट रेलवे ब्रिज के ऊपर से गुजरते हुए जी-20 रोड तक पहुंचेगा।
इस कॉरिडोर से 1090 चौराहा, कालीदास मार्ग, विक्रमादित्य मार्ग, इकाना स्टेडियम और एयरपोर्ट एक ही रूट से जुड़ जाएंगे।
लखनऊ को मिलेगा नया ट्रैफिक मॉडल
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट लखनऊ के लिए एक “नो-सिग्नल ट्रैफिक मॉडल” बनेगा। इससे न केवल जाम कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और समय की बचत भी होगी।
शहरवासियों का कहना है कि अगर यह फ्लाईओवर तय समय पर बन जाता है, तो लखनऊ की ट्रैफिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
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