उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शुक्रवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरदोई के शाहाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में रखे गए एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान रवि राजपूत के रूप में हुई है। जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैली, माहौल पूरी तरह गरमा गया।
इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। लोगों ने हरदोई–शाहजहांपुर मार्ग पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात इतने बिगड़ गए कि कई थानों की फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
क्यों हिरासत में लिया गया था रवि?
पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। इसी मामले में पूछताछ के लिए रवि राजपूत को हिरासत में लिया गया था।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बताया कि रवि को पूछताछ के लिए शाहाबाद थाने लाया गया था। पूछताछ के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस का दावा है कि उसे तुरंत इलाज के लिए भेजने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन रस्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप: “थाने में हुई बेरहमी”
वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है। परिवार का आरोप है कि रवि को थाने में बेरहमी से पीटा गया हैं, जिससे उसकी जान चली गई। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि इस पूरी घटना में पुलिस और नाबालिग लड़की के परिवार की मिलीभगत है।
परिजनों ने इस संबंध में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। परिवार का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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थाने के बाहर बवाल, सड़क पर आक्रोश
रवि की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के साथ मिलकर परिजनों ने शाहाबाद थाने का घेराव किया और बाद में सड़क पर जाम लगा दिया।
लोगों का कहना था कि अगर युवक निर्दोष था तो उसे क्यों मारा गया, और अगर दोषी भी था तो कानून को अपना काम करने देना चाहिए था। भीड़ का गुस्सा बढ़ता देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
जांच के आदेश, NHRC गाइडलाइन लागू
एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की गाइडलाइंस के अनुसार ही पूरी कार्रवाई की जाएगी।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या अपराध सामने आता है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल शाहाबाद और आसपास के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन लोगों में डर और गुस्सा दोनों साफ नजर आ रहे हैं।
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