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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड, हवा बनी ज़हर AQI 400 पार सांस लेना हुआ मुश्किल

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नई दिल्ली, नवंबर की शुरुआत के साथ-साथ ही दिल्ली और एनसीआर में सर्दी ने दस्तक दे दी है। सुबह-शाम ठंडक बढ़ने लगी है, लेकिन इसके साथ ही एक और बड़ी परेशानी लोगों की सांसों पर भारी पड़ रही है, वायु प्रदूषण

राजधानी की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो चुकी है और हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग घर से बाहर निकलने से पहले दो बार सोचने लगे हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक सोमवार 10 नवंबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में ठंड धीरे-धीरे और बढ़ेगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 11 से 15 नवंबर के बीच तापमान गिरकर 11 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिन का अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

कोहरे और ठंड की डबल मार

मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सुबह और देर रात घना कोहरा देखने को मिल सकता है। इससे सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो सकती हैं। खासकर

स्कूल बसों
ऑफिस जाने वाले लोगों
हाईवे पर चलने वाले वाहनों

को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवा और नमी बढ़ने से कोहरे का असर ज्यादा देर तक रह सकता है।

दिल्ली की हवा फिर ‘गंभीर’ हालत में

जहां एक ओर ठंड राहत लेकर आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर की हवा चिंता बढ़ा रही है। नई दिल्ली राजधानी के कई इलाकों में AQI 350 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो सीधे-सीधे ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

प्रमुख इलाकों का हाल

बवाना: AQI 400 से ऊपर
आनंद विहार: 380 के करीब
अलीपुर: 360
अशोक विहार: 350+
बुराड़ी: 370

इस स्तर की हवा में सांस लेना भी दिल्ली वालों की सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है।

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नोएडा भी बेहाल, सांस लेना हुआ मुश्किल

दिल्ली से सटे नोएडा में भी हालात ज्यादा बेहतर नहीं हैं।
नोएडा के के प्रमुख इलाके

नॉएडा सेक्टर-62
नॉएडा सेक्टर-1
नॉएडा सेक्टर-116
में AQI 324 से 339 के बीच रिकॉर्ड किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में फंस जाते हैं। इसी वजह से स्मॉग और धुंध की मोटी परत बन जाती है।

सेहत पर सीधा असर

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि यह समय खास तौर पर

बुजुर्गों
बच्चों
दमा, अस्थमा और हार्ट मरीजों के लिए बेहद संवेदनशील है।

अस्पतालों में सांस और आंखों से जुड़ी शिकायतें बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों ऐसे मरीजों की सँख्या बढ़ रही है जिन्हें सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें

  • N-95 मास्क का इस्तेमाल करें
  • आंखों में जलन हो तो साफ पानी से धोएं
  • गले में खराश होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
  • घर में एयर प्यूरीफायर या गीले कपड़े का इस्तेमाल करें

आगे क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक हवा की गति धीमी रहेगी। ऐसे में प्रदूषण के जल्दी कम होने की उम्मीद बहुत कम है।
अगर Western Disturbance या तेज हवाएं नहीं चलीं, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

दिल्लीवासियों के लिए यह वक्त सावधानी बरतने का है। ठंड का मजा लेने से पहले अपनी सेहत की सुरक्षा करना जरूरी है, क्योंकि साफ हवा के बिना ठंड भी राहत नहीं देती।

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